Namaskar
a blog by o p rathore
Monday, March 18, 2013
vajah
तेरे आने से पहले तेरे जाने की वजह जान लेता हूँ
ये रिश्ता तुमने चलाया मुझसे टूटा मान लेता हूँ
कुसूर किसका है ये ऊपर वाला जानता है
दोषी चुप खड़े हैं उनकी आन की खातिर
लो अपने सर पे ये झूठा इलज़ाम लेता हूँ ..
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