Monday, July 27, 2026

Karz

 कोई किसी से क्या रिश्ते निभाए,

 सब पुराने कर्ज़ हैं चलो हंस के चुकाएं।



Thursday, April 16, 2026

Dheeraj

 सुनो मोहब्बत की है तो धीरज भी रखना, 

कुछ लड़कों को कामयाबी देर से मिलती है।

Sunday, October 12, 2025

 कितनी बार बासी पड़ते हैं,

कितनी बार मुरझा जाते हैं।

यह दोस्त यार यह रिश्ते, 

चांद से दमकते चांद से गुम जाते हैं।


Friday, April 18, 2025

 



रात का इंतज़ार दिन से मिलने को 

अंधेरों से होकर गुज़रता है 

दुश्वारियों से बीतता है 

तब जो मेल होता है रात से दिन का 

उसे हम सुबह कहते हैं।  

दोपहर को भी रात की हसरत होती है
 
मिलने की कसक रहती है 

वो गुज़रता है उजालों से 

अहम् अधिकारों के जालों से 

इस दिन और रात के मिलाप को हम 

शाम कहते हैं।  

मुलाकातों में कितना फ़र्क़ आ जाता है 

उन रास्तों की वजह से जिनसे हम गुज़रते हैं
 
ये हम ही तय करते हैं की रिश्ते 

ताज़ा दम संवरते हैं या मुरझा के बिखरते हैं।  

Tuesday, April 8, 2025

बैल

कभी तुमने सर नहीं लगाया कंधे से मेरे

जब हम जा रहे थे मैं ड्राइव करता था

आज समझ आई वजह

तुम ढूंढ नहीं पाई प्रेमी मुझमें 

मैं पति बना रहा

बैल बना रहा गृहस्थी के हल का

जिंदगी प्रेमी को चाहती है मगर ब्याहती पति से है 

यह विसंगति जी है तुमने हमने ।

Monday, March 17, 2025

 


शब्द, शब्दावली के

मोहताज हो के जब

छटपटाते हैं

वो आंसू बनके

छलक जाते हैं


Saturday, February 8, 2025

ख़ुदाई


वो चाहे तो क्या मुझे ख़ुश नहीं कर सकता ॽ

उसे पता है ख़ुश लोग उससे छूट जाते हैं 

सरपरस्ती में रहने वाले भी तो ख़ुश रहते हैं।

Hymns for him